शुक्रवार, 14 मई 2021

आनलाइन भोज

 

आनलाइन भोज

पछिलाबेर नबंबरमे जखन माएक चारिम बरखीक करबाक छल तँ बहुत चिंतामे परि गेल रही। जकरे देखू सएह कोरोनाक चर्च करैत भेटैत । लोकक आबाजाही बंद,भेंट-घांट बंद । आखिर कोना की कएल जाए?

गामक बात जरूर फराक छल । ओतए सभकिछु पूर्वबते चलि रहल छल । ओहिना भोज-भात,ओहिना उपनयन,बिआह आ श्राद्ध भए रहल छल । मुदा गाम जाएब तखन ने? ओतए जेबेक क्रममे जँ कोरोना गिरफ्तमे लए लेलक तखन? ग्रेटर नोएडा स्थित हमर घरक आसपास कोनो गड़बड़ी नहि छल । सभटा ओरिआन भए जाइत । मुदा ब्राह्मणक जोगार कोना होइत? कम सँ कम एगारहटा ब्राह्मण तँ चाहबे करी ।

ओना हम पहिल वर्षीक बात गया जा कए पिंडदान कए देने रही । मुदा कैकगोटे कहए लगलाह जे पाँचटावर्षी तँ करबाक चाही । ओना पंडितजीक हिसाबे गयामे पिंडदान केलाक बाद साले-साल वर्षी करबाक अनिवार्यता नहि रहि जाइत छैक । तथापि हम सोचलहुँ जे पांचो वर्षी कइए लेल जाए । ताही क्रममे पछिला साल नबंबरमे माएक चारिम वर्षी छलनि । ओहि समयमे कोरोना किछु कम भए गेल रहैक । मुदा खतम नहि भेल रहैक । तेँ ब्राह्मणलोकनिकेँ घरमे एकठाम जमा करब ठीक नहि बुझाएल । तखन की कएल जाए? आओर विकल्पसभपर सोचए लगलहुँ ।

किछुए दिन पहिने हमरे सोसाइटीमे हमर एकटा परिचित मैथिल ब्राह्मणक ओहिठाम हुनकर माएक दोसर वर्षी रहनि। हमरा ओना ओ अवश्य नोत दैत छलाह । मुदा एहि बेर हुनका ओहिठामसँ नोत नहि आएल । भेल जे वर्षी करताह कि नहि? मुदा एकदिन जखन दुपहरिआमे घरसँ सड़क दिस जाइत रही तँ कर्त्ताकेँ केस कटओने देखलिअनि। पात्रकेँ कर्मक ओरिआन करैत देखलिअनि । एक-दू गोटे लगपासमे बैसलो देखेलाह । हम ओम्हरे ससरि कए गेलहुँ। भेल जे पता करिऐक जे कोना-की कए रहल छथि ?

गाछतर कर्मक तैयारी भए रहल छल । हम ओहिठाम जा कए ठाढ़ भेलहुँ । कर्त्ता अपने बाजए लगलाह-एहिबेर कोरोनाक कारण ककरो नोत नहि दए सकलिऐक । महापात्रजीक अतिरिक्त ब्राहम्ण भोजनक हेतु मंदिरमे पंडितजीकेँ किछु अन्न आ टाका दए देबनि । हम टहलि कए वापस अबैत काल फेर ओतए कनी काल ठाढ़ भेलहुँ। असलमे हम देखए चाहैत छलहुँ जे एहन परिस्थितिमे ओ माएक वर्षी कोना कए रहल छथि । कर्ता खूब नीकसँ मास्क लगओने रहथि । मुदा महापात्रजीक लगमे मास्क नहि छल । हुनकर सहायक लग सेहो मास्क नहि छल । एकाध गोटे जे ओतए बैसल छलाह,तिनको लगमे मास्क नहि छल । एनामे कोरोनासँ वचाव कोना होइत?

 ओहिठामसँ लौटलाक बाद हम सोचए लगलहुँ जे हमरो तँ माएक वर्षी करबेक अछि । तखन कोना की कएल जाए?  मंदिरमे जा कए सीधा आ टाका दए देब हमरा पसिंद नहि पड़ल । ब्राह्मणसभकेँ नोत दए घरमे भोजन कराएब परिस्थितिक अनुसार काज नहि होइत,कारण कोरोना संक्रमणक खतरा भए सकैत छल । तखन एकटा नवप्रयोग करबाक विचार भेल । हम दुनू बेकती एहिपर सहमत भेलहुँ । जिनका ओहिठाम हम वर्षी देखि आएल रही सेहो एकरा पसिंद केलनि,संगहि दूटा ब्राह्मण उपलव्ध करेबाक सेहो जोगार केलनि ।

नवप्रयोग ई छल जे ब्राह्मणलोकनिकेँ हुनके घरपर स्थानीय प्रसिद्ध भोजनालयसँ भोजन आनलाइन आदेश कए नियत समयपर पठा देल जेतनि । हमरे सोसाइटीमे रहैत दोसर मैथिल परिवार सेहो सहमति देलनि । ओना ओ तँ हमर घरोपर आबि कए ब्राह्मण भोजन करबाक हेतु तैयार रहथि । आओर कैकगोटे अपन सहमति देलनि ।

वर्षीक एकदिन पहिने  हम एकभुक्त केने रही । केस कटाबक रहए । पछिला आठमाससँ केस जस-के-तस छल । कोरोनाक कारण हजाम लग नहि गेल रही । मुदा वर्षीमे तँ केस कटेबेक छल। हमर छोटपुत्र आनलाइन एकटा हजामक जोगार केलनि । जेना-तेना केस कटेलहुँ । साँझमे एकभुक्त केलहुँ । दोसर दिन नियत समयपर पंडितजी आबि गेलाह । कर्मक समानसभ पहिनेसँ तैयार छल । विधि-विधानपूर्वक कर्म संपन्न भेल । पंडितजीके यथेष्ट दक्षिना देलिअनि । ओ नीकसँ भोजन केलनि । तकरबाद अपन-अपन घरमे बैसल ब्राह्मणलोकनिकेँ डेलीभरी व्आय द्वारा भोजन समयपर पहुँचि गेलनि । फोनसँ तकर संपुष्टि कएल गेल । ओ सभ अपन-अपन घरमे भोजन केलनि । कैकगोटे तँ भोजन करैत फोटो सेहो पठा देलनि । आनलाइन ब्राह्मणभोजन करेबाक प्रयोग सफल रहल । एहि तरहेंमाएक चारिम वर्षी शांतिपूर्ण षंगसँ संपन्न भेल ।


14.05.2021

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