गुरुवार, 26 अप्रैल 2018

संपत्ति हस्तांतरण


संपत्ति हस्तांतरण

संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम, 1882  १ जुलाइ १८८२सँ लागू भेल। संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम स्वैच्छिक हस्तांतरण - बिक्री, बन्हक(भरना), उपहार, अदला- बदली, चार्ज पर लागू होइत अछि । विरासात,दिवालिआपन,जव्ती,न्यायलयक आदेशक अनुपालन हेतु,,वा इक्षा पत्र द्वारा कानूनक अनुपालनक हेतु कएल गेल संपत्तिक हस्तान्तरणपर  संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम लागू नहि होइत अछि।
क्यो अपन संपत्ति किएक बेचैत अछि? पैसाक प्रयोजन भेला पर-जगजाहिर जबाब अछि। बेचएबलाकेँ उचित पैसा भेटि जाइक आओर किननाहरकेँ सही सलामत संपत्ति जेना जमीन,मकान,फ्लैट,भेटिजाइक जाहिपर किननाहर निर्वाध रूपसँ  मालिकाना हक प्राप्त कए सकए,ओकर स्वेक्षा एवम् कानून सम्मत तरीकासँ ओकर ऊपभोग कए सकए। एहन नहि होइक जे कीननाहर सभटा पैसा दए दैक मुदा कीनल गेल संपत्तिपर क्यो आन अपन हक लए ठाढ भए जाइक,किंबा बलपूर्बक ओहि संपत्तिपर कव्जा बनौने रहए। कएबेर एहनो होइत अछि जे एकहिटा संपत्ति कैगोटाक हाथे बेचि देल गेल हो किंवा ओहि संपत्तिपर बैंक वा कोनो आओर व्यक्तिक कर्जा होइक आओर ओहि तरे ओ संपत्ति बन्हक पड़ल हो। ताहि हेतु ई आवश्यक अछि जे कोनो संपत्ति कीनबासँ पूर्व क्रेता उचित पुछ-ताछ  कए सुनिश्चित कए लेथि जे ओहि संपत्तिपर कोनो लफड़ा तँ नहि अछि।
 संपत्तिक हस्तान्तरणक समय मूलतः निम्नलिखित बातक ध्यान राखब जरूरी थिकः
१.बेचनाहरकेँ ओहि संपत्तिपर पूर्ण कानूनी अधिकार हेबाक चाही,ताहि हेतु ओकरासँ संपत्तिक मूल दस्ताबेजक मांग जरूर करबाक चाही,मात्र फोटोकाँपी देखिकए सौदा नहि तय कए लेबाक चाही।

२.सब-रजिष्ट्रारक कार्यालयसँ एहि बातक पक्का जानकारी लेबाक चाही जे ओ संपत्ति भरना/बन्हकतँ नहि अछि।

३.सब-रजिष्ट्रारक कार्यालयसँ एहि बातक एहि बातक जानकारी सेहो लेबाक चाही जे ओ संपत्ति कहीं पहिने ककरो हाथे बेचि देल गेल तँ नहि अछि?

४.एहि बातक जानकारी लेबाक चाही जे बेचनाहर ओहि संपत्तिकेँ कतएसँ आ केना प्राप्त केलक,ताहि दस्ताबेजकेँ देखि कए सुनिश्चित करबाक चाही जे बेचनाहर सही आदमीसँ ओ संपत्ति कीनने अछि,माने जे जकरासँ ओ ओहि संपत्तिकेँ कीनलक तकर ओकरा बेचबाक पूर्ण अधिकार रहैक कि नहि,अन्यथा काल्हि भेने क्यो सामने आबि  कए कहि सकैत अछि जे ओहि संपत्तिमे हमरो हिस्सा छल,तकरा क्यो आन कोना बेचि देलक? एहन नहि हो जे पैसा खर्चो केलाक बाद लफड़ा भए जाए।
कोनो संपत्ति कीनबासँ पहिने की करबाक चाही?
१.पहिने ई पता करी जे ओ संपत्ति बेचनहारकेँ कतएसँ प्राप्त भेल? की ओ ओकरा कानून एवम् दस्ताबेजक अनुसार अधिकार प्राप्त व्यक्तिसँ कीनने अछि? ताहि हेतु विक्रयक अनुवंधक बजाप्ता निवंधन(सेल डीडक रजिष्ट्रेसन) भेल अछि कि नहि?तकर प्रमाणस्वरूप दस्ताबेज देखल जाए।

२. बेचनहारक ओहि संपत्तिपर कव्जा अछि के नहि ?

३.ओहि संपत्तिकेँ बन्हक राखि कर्ज तँ नहि लेल गेल अछि,जँ लेल गेल अछि तँ कर्जक आपसी भेल कि नहि,

४.संपत्तिक उपर कोनो टैक्स बाँकी तँ नहि अछि?

५.जौँ संपत्ति स्वअर्जित नहि अछि तँ ओहि मे आनो लोकक हिस्सा छैक कि बेचनहार एसगरे ओकर हकदार अछि,

६.संपत्तिक दाखिल खारिज बेचनिहारक नामे अछि कि नहि,

७.संपत्तिक वास्तविक नापीक अनुसार ओकर रकबा दस्तावेजमे देल गेल विवरणसँ मेल खाइत अछि कि नहि?
संपत्ति बेचनिहारक ओहि संपत्तिपर अधिकार सुनिश्चित कएलेलाक बाद कीननाहर  एवम् बेचनिहार आपसमे एकटा सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करताह । ओहिमे क्रय विक्रयक सभटा शर्त लिखल जाएत,जेना संपत्तिक मूल्य,भूगतानक शर्त। उचित मूल्यक स्टांप पत्रपर सहमति पत्र पर बेचनाहर किननाहरक अतिरिक्त दूटा गवाहक हस्ताक्षर होएब जरूरी थिक।
कोनो संपत्तिक हस्तान्तरण हेतु निवंधनसँ पूर्व ओहि राज्यमे लागू कानूनक तहत सटांप पेपर लेब आवश्यक थिक। आइ -काल्हि स्टांप पेपर आनलाइन भेटि जाइत अछि। ताहि हेतु आनलाइन भूगतान कए ओकर जानकारी आनलाइन स्टांप पेपर विक्रेताकेँ देब जरूरी थिक। पेमेंटक सूचना प्राप्त होइते ओहि सुविधा केन्द्र द्वारा स्टांप पेपरकेँ आनलाइन निकालि लेल जाइत अछि। एहि तरहे आशानीसँ भारी मूल्यक स्टांप पेपरकेँ प्राप्त कएल जा सकैत अछि।
स्टांप ड्युटीक गणना हेतु बेचल जा रहल संपत्तिक सर्किल रेटक आधार पर कएल जाइत अछि। जौँ जमीनपर मकान सेहो बनल अछि तँ ओकर अलग-अलग गणना कएल जाइत अछि। विक्रय मूल्य, सरकारी सर्किल रेटदुनूमे जे ज्यादा होएत ताहि हिसाबसँ स्टांप ड्युटी लागत। तकर अलाबा निवंधन शुल्क सेहो अलगसँ देबए पड़ैत अछि। जौं सर्किल रेटक हिसाबसँ उचित स्टांप ड्युटी नहि देल जाइत अछि तँ निवंधन खारिज भए सकैत अछि।
मुख्तारनामा (power of attorney) :
मुख्तारनामा/वकालतनामा(पावर आफ अटर्नी)क आधारपर कएल गेल संपत्तिक हस्तानान्तरण :
माननीय उच्चतम न्यायलय सूरज लैम्प एवम् इन्डस्ट्रीज बनाम हरियाणा सरकार एवम् अन्यक मामलामे निर्णय देलक अछि जे मुख्तारनामा(पावर आफ अटर्नी)क आधारपर संप्त्तिक हस्तानान्तरण गैरकानूनी थिक। मुख्तारनामा(पावर आफ अटर्नी) मूलतः निकट संवंधी जेना पिता,पुत्र,पत्नी वा खास मित्रक पक्षमे एहि हेतु कएल जा सकैत हछिजे संपत्तिक मालिक कोनो खास वजहसँ ओहि संपत्तिक क्रय विक्रयक निवंधनमे उपस्थित नहि भए सकैत अछि,(जेना कि क्यो विदेशमे हो )
(R.V. Raveendran, A.K. Patnaik, H.L. Gokhale IN THE SUPREME COURT OF INDIA CIVIL  APPELLATE JURISDICTION SPECIAL LEAVE PETITION (C) NO.13917 OF 2009)
निवंधनक समय कीननाहर, बेचनाहरक अलाबा दूटा गवाहक उपस्थिति जरूरी अछि। ओहि गबाहक हस्ताक्षर कबाला(सेल डीड) पर जरूरी थिक।संपत्तिक क्रय विक्रयक निवंधनक समयमे कोनो कारणसँ बेचनिहार किंवा कीननाहर स्वयं उपस्थित नहि भए सकैत अछि तँ कोनो संवंधी वा मित्रकेँ उचित मुख्तारनामा (power of attorney) दए ई काज करावोल जा सकैत अछि।
जौं विक्रय मूल्य पचास लाखसँ बेसी अछि तँ कीननाहरक ई कर्तव्य अछि जे विक्रय मूल्यक एक प्रतिशत काटि कए उचित चालान प्रपत्र द्वारा आयकर विभागमे  आनलाइन वा बैकमे जमा कए देथि अन्यथा ओ आयकर विभागक चपेटमौ  आबि सकैत छथि।एहि तरहेँ काटल गेल टाका आयकर विभाग द्वारा आयकर रिटर्न भरलापर कुल देय  आयकरमे मिन्हा कए देल जाइत अछि।
सेल डीडक मसौदा :
सेल डीडक मसौदा तैयार करबामे प्रचुर सावधानी राखब जरूरी थिक।ओहिमे संपत्तिक चौहद्दी,रकबा,खाता नंबर,खेसरा नंबर,सहित ओकर पूर्बक मालिकक वर्णन हेबाक चाही। विक्रयमूल्य सहित वेचनिहार एवम् कीननाहरक विवरण हेबाक चाही। बेचनिहार द्वारा स्पष्ट घोषणा हेबाक चाही जे ओ ओहि संपत्तिक पूर्ण मालिक अछि,जे ओहि पर कोनो आन व्यक्तिक अधिकार नहि अछि,जे कोनो तरहक कानूनी विवाद ओहि संपत्तिपर नहि अछि,जे ओ संपत्तिपर कोनो कर्ज नहि बाँकी अछि,आदि,आदि। सेलडीडमे इहो लिखल जेबाक चाही जे ओ संपत्ति बेचनिहारक स्वअर्जित समपत्ति अछि,जौँ से नहि अछि आओर ओ संपत्ति संयुक्त परिवारक पुसतैनी संपत्तिक हिस्सा अछि तखन ओकरा दियादी बटबाराक संगे ई प्रमाण देबाक चाही जे ओ संपत्ति ओकरे हिस्साक अछि आओर ओहिपर कोनो आन पटिदारक हक नहि छैक। जौँ ओहिमे आनो पटिदारक हिस्सा सामिल छैक,तखन ओहि संपत्तिक विक्रय पत्र(सेल डीड)पर सभ पटिदारक दस्तखत जरूरी अछि आन्यथा भविष्यमे ओहिपर कानूनी झंझटि भए सकैत अछि। सेलडीड(विक्रय पत्र)क निवंधनक बाद कीननाहर द्वारा बेचनिहारकेँ विक्रय मूल्यक पूरा भूगतानक बादे सेलडीड(विक्रय पत्र) कीननाहरकेँ देल जाइत अछि।
जमीन -मकान क क्रय विक्रय सामान्यतः कमे काल होइत अछि जाहिमे जीवन भरिक कमाओल धन लागि जाइत अछि। तेँ जरूरी अछि जे ई काज पूर्ण सावधानीक संगे कएल जाए। कागज-पत्तर ठीकसँ बनाओल जाए आ कीनल संपत्तिक कव्जा ठीकसँ लेल जाए जाहिसँ बादमे कोनो प्रकारक झंझटिमे नहि पड़ी।












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Life is an opportunity   Millions of people have come and gone but nobody remembers them. Only a few persons like Vyas, Shankarachary,Vi...