रविवार, 22 अक्तूबर 2017

पंचैती




 


पंचैती


जमाना कतय चल गेल मुदा गाम-घरक लोक अखनहुँ दू सौ वर्ष पाछा अछि। गामक लोककेँ अखनहुँ चन्द्रमामे एकटा बुढ़िया चर्खा कटैत देखाइत छैक। गामक लोक अखनहुँ ग्रहण लगिते स्नान करय चल जाइत अछि। कियेक तँ ओकरा छुति भए जाइत छैक। एहने आवोहवामे गामक संस्कार-संस्कृति सेहो आधुनिक ओ पुरातनक द्वंदक बीच चलि रहल अछि।

पुरना पीढ़ी आ आधुनिक लोकमे अखनहुँ बड़ अन्तर छैक। तेँ एकटा स्वत: सर्वत्र विद्यमान तनाव जे कोनो क्षण झगड़ाक रूप लऽ लैत अछि। एही कारणसँ गाम-घरमे पंचैतीक जबरदस्त गुंज़ाइश छैक।

मुरली पाँच भॉंइ छलाह। घरक हिसाव-किताव श्याम रखैत छलखिन्ह। मैट्रिक तक पढ़ल छलखिन्ह। बेस चलाक-चुस्त। लगानीक असूल करबामे पारंगत। हुनकासँ छोट तीन भाए- मोहन, रूदल आ लखन। लखन कमे वयसमे दिवंगत भए गेला। हुनकर एक मात्र पुत्र जीवनकेँ पित्ती सभ पहिनहि फराक कय देलकन्हि। पाँच बीघा जमीन हिस्सामे पड़लनि। लगानी-भिरानी जे किछु छलन्हि, सभटा श्याम बैमानी कऽ लेलखिन। शेष चारू भाँइमे शुरूमे तँ खूब भेल छलनि मुदा किछु दिनक बाद रूदलक स्वर्ग बास भए गेलनि। हुनका मात्र तीनिटा लड़की छलनि। तीनूक बियाह पित्ती सभ केलखिन। मुदा वियाह करयबाक क्रममे सभटा जमीन तीनू भाँइ अपना-अपना नामे करा लेलनि। मसोमातकेँ किछु नहि रहि गेल छलैक।

गामक किछु फनैत सभ ई गप्प मसोमातक कानमे दऽ देलकन्हि। मसोमात तँ ओहि दिनसँ अगिआ-बेताल छथि। एको दिन एहन नहि भेल जे हंगामा नहि भेल। अन्ततोगत्वा बुध दिन रहैक। गाममे हाट लगैत छलैक। गाम-गामक लोक हाटपर जमा छल। सरपंच साहेब उर्फ पलटू बाबू चिकरि-चिकरि कऽ सैकड़ो लोककेँ जमा कऽ  लेलन्हि। सभ गोटेतय कएल जे मसोमातक संगे बड़ भारी अन्याय भेलैक अछि परिणामत: दोसर दिन तीन बजे सरपंच साहेबक दलानपर पंचैती करबाक निर्णय भेल। 

दोसर दिन दुपहरियेसँ सौंसे गामक लोक सह-सह करए लागल। सरपंचक ओहिठाम बैसारी रहैक।बेर खसैत-खसैत सौंसे दरबाजा लोकसँ भरि गेल। अगल-बगलक गामक प्रमुख-प्रमुख लोक सभ सेहो बजौल गेल छलाह। मुखियाजी एखन धरि नहि आएल छलाह तेँ ओहि टोलपर आदमी पठाओल गेल। चारि बजैत-बजैत लोकक करमान लागि गेल।

सरपंच साहेब अपन स्वागत भाषण कही या जे कही, प्रारम्भ केलन्हि। मसोमात सेहो कोनटा लागल ठाढ़ छलीह। चारू भाएकेँ कोनो फज्झति बाँकी नहि रहल। गाम-गामक पंच सभ सेहो छिया-छिया कहय लगलखिन। मुदा श्याम बेस चलाक लोक छलाह। ओ मुखियाकेँ रातियेमे पाँच साए टाका दऽ अपना गुटमे कऽ लेने छलखिन। मुखियाजी सरपंचपर कड़कि उठलाह-

ई अन्याय नहि चलत। आखिर तीनटा जे कन्यादान पित्ती सभ केलखिन ताहिमे खर्चा तँ अवश्ये भेल हेतैक। फेर मसोमात तँ असगर छथि। जमीन लऽ कऽ करतीह की? बारह मोन खोरिश हिनका अवश्य भेटक चाही । बाजू यौ श्याम बाबू, अपने एहिपर तैयार छी?”

श्याम बाबू स्वीकृतिमे अपन मुड़ी हिला देलखिन।

ई बात सरपंचकेँ एकदम नहि रूचलैक। ओ बमकय लागल। संगे जे ओकर चारि-पाँचटा लठैत सभ छलैक सेहो सभ बमकय लागल। जबाबी कार्यवाइमे चारू भाए सेहो भोकरय लागल। सरपंचक दरबाजापर बेस हंगामा बजड़ि गेल। अन्ततोगत्वा ई निर्णय भेल जे दुनू गोटे एकादशी दिन पाँच प्रमुख-प्रमुख व्यक्तिक समक्ष हरिवंशक पोथी उठा कऽ सप्पत खाथि आ ओहीसँ बात परिछा जायत।

प्रात:काल सरपंच साहेबक ओहिठाम गायक गोबरसँ ठाँव कयल गेल। ओहिपर हरिवंशक पोथी राखल गेल। पाँचो पंच अगल-बगलमे बैसल रहथि। श्याम मोने-मोन खुश छलाह। पता नहि, कतेक बेर ओ एहिना हरिवंशक पोथी उठाय लोक सम्पति संग घर-घड़ारी घोंटि गेल रहथिन्ह। हनहनाइत, फनफनाइत रहला आ हरिवंशक पोथी उठा लेलाह। पंच सभ तकैत रहि गेला आ मसोमात ओहीठाम अचेत खसि पड़लीह। मसोमातकेँ बारह मोन सामान खोड़िसक अधिकार मात्रक घोषणा पंच समुदाय कय देलक। पंचैती समाप्त भए गेल।

बुधन गामक मानल लठैत छलाह। परमा बाबू बी.डी.ओ. साहेबसँ एकटा चापा कलक व्यवस्था करौने छलाह। कलक तीन-चौथाइ खर्चा सरकारी मदतिसँ भरल जयतैक। बुधन ओ परमा बाबूक घर सटले छल। कल कतय गाड़ल जाय ताहि हेतु जबरदस्त झगड़ा बजरि गेलैक। तय भेलै जे हीरा बाबूकेँ पंच मानि लेल जाए आ ओ जे फैसला कए देथिन से मानि लेल जाए।

हीरा बाबू प्रतिष्ठित, पढ़ल-लिखल एवम् ओजस्वी लोक छलाह। सम्पतिक नीक संगह कएने छलाह। प्रात: काल ओ घटना स्थलक निरीक्षण कयलाह। बुधन लठैत छल। कखनो ककरो गरिया सकैत छल। बेर-कुबेर ओ लाठी लऽ कऽ ठाढ़ो भए सकैत छल। परमा बाबू पढ़ल-लिखल सभ्य ओ शान्त स्वभावक लोक छलाह। परिणामत: हीरा बाबू फैसला कऽ देलनि जे कल बुधनक घर लगक खाली स्थानपर गाड़ल जाय। बुधन खुश भए गेलाह। परमा बाबू चुप, समाजक लोक चुप।

सोमन बाबू कामरेड छथि। गाममे कतहु क्यो कोनो गड़बड़ी करैत तँ ओ अवश्य ओहिठाम पहुँचि जाइत छलाह। गरीब लोक हुनका अपन नेता मानैत छल। अमत टोलीक एकटा स्त्रीगण अपन घरबलाकेँ छोड़ि कय निपत्ता भए गेल छल। चारि-पाँच दिनुका बाद सौंसे गाममे जबरदस्त हंगामा भए गेल। शोभा बाबू ओहि मौगीक संग निपत्ता। मुदा एहिबेर कोनो पंचैती नहि भेलैक। जे जतहि सुनलक ओ ओतहि गुम्मी लादि देलक। समरथकेँ नहि दोष गोसाई सद्य: चरितार्थ भऽ गेल।

जीबछ भाइक अबाजमे बेश टीस छन्हि। लोक कहैत अछि जे हिनकर बाप बड़ सुखी-सम्पन्न छलखिन। मुदा देखिते-देखिते ओहने दरिद्र भए गेलखिन। ओहि घटनाक पाछू सेहो एकटा पंचैतीक हाथ छलैक। जीबछ भाइक बापक श्राद्ध छलन्हि। गामक प्रमुख-प्रमुख लोकक बैसार भेलैक। जीबछ बाबू सन प्रसिद्ध ओ धनीक लोकक श्राद्धमे कमसँ कम जबार तँ खेबेक चाहैक छलैक। सैह भेलैक। चारि दिन धरि भोज होइते रहलैक। जीबछ भाइ एहि काजमे बीस हजार टका घरसँ निकाललाह। दस हजार टका कर्ज लेबए पड़लन्हि। अमरू भाइ दियादे छलखिन। धरदए बिना कोनो हिचकसँ हुनका पैसा दए देलक । काजक बाद कहलक-

कोनो बात ने । जखन पैसाहो तखनहि दय देब।

दू साल बीति गेल। जीबछ भाइक हालत दिन-दिन बत्तर होइत गेल। तीन सालक बाद अमरू एकाएक चढ़ाइ कय देलक। ओकरा हिसाबे सूद सहित ३५००० रूपया कर्ज भए गेल छलैक। अमरू भाइ अपन लठैत सभक सहायतासँ ओकर सभटा जमीन जोति लेलखिन। गाममे बेश बबंडर भेल। पंचैती बैसल। सौंसे गामक नीक लोक सभ जमा भेलाह। अमरू भाइक विजय भेल। सभ पंच अमरूक पक्षमे हाथ उठा देलखिन्ह। अमरू सभ जमीन जोति लेलाह। सैह भेल पंचैती। जीबछ भाइ ओही पंचैतीक परातसँ फक्कर भए गेलाह।

कहबी छैक जे पति-पत्नीक पंचैती नहि करी। कारण कहि नहि, ओ कखन झगड़ा करत आ कखन एक भए जैत। मुदा आई-काल्हि एहनो कलाकार सभहक कमी नहि अछि जे बड़े आफियतसँ दुनू व्यक्तिमे झगड़ा लगा कऽ मटरगस्ती करैत रहैत छथि। बेरपर पंचैती सेहो कय दैत छथि। बतहु मिसर एहने व्यक्ति थिकाह। पुवारि गामवाली बेश हराहि छलीह। दुनू व्यक्तिमे खटपट होइते रहैत छनि ।

ओहि दिन पुरवारि गामवाली कतहु हकार पुरय गेल छलीह, घुरैत-घुरैत अबेर भए गेल रहनि । घुमैत-फिरैत बतहु बाबू पहुँचलाह। पुरवारि गामवालीक घरबलाकेँ लोक खलीफा कहैत छल। खलीफा दरबाजापर गरमायल छलाह। बतहु मिसर  पुछलखिन्ह-

की बात छैक भाइ। आइ बड़ गरमायल लागि रहल छी?”

एतबा ओ पुछलखिन्ह की खलीफा अपन घरवालीकेँ एक हजार फज्झति करय लगलखिन। ताहिपर बतहु मिसर दीप देलाह-

हँ बेश कहैत छी भाइ। आइ-काल्हिक स्त्रीगण सभ तँ एहने होइत छैक। हुनका तँ हम जट्टाक घरमे गप्प हकैत देखलियनि अछि।

एतबा गप्प बाजि ओ ओतयसँ हटि गेलाह।

थोड़ेक कालक बाद पुरवारि गामवाली लौटलीह। दुनू व्यक्तिमे महाभारत जे भेल से देखयबला छल। चारूकातसँ लेाक सभ दौड़ल आयल। पुरवारि गामवालीकेँ ब्रेके नहि लेल होइत छल। अन्ततोगत्वा खलीफेकेँ लोक उठा कऽ दोसरठाम लऽ गेल। दुनू व्यक्ति ओहि दिनसँ फराक-फराक रहए लगलाह। घरमे खान-पान बन्द। बतहु मिसर फेर उपस्थित भेलाह आ खलीफाकेँ कहलखिन-

भाइ, एहि तरहेँ केते दिन चलत। आपसमे बैसार कय लिए आ मेल-जोलसँ समए गुजारू।

तय भेल जे काल्हि आठ बजे बैसार होएत। दोसर दिन  बैसार भेल ।बतहु मिसर धरि आठ बजे पहुँच गेलाह। दुनू व्यक्ति अपन-अपन पक्ष कहए लगलखिन। बहुत रास गप्प-सप भेलाक बाद बतहु मिसर ई तय कऽ देलखिन जे आइ दिनसँ खलीफा अपन घरवालीक गंजन नहि करताह।

ताहिपर पुरवारि गामवाली कनखी मारलखिन्ह। खलीफा मुँह तकैत रहि गेलाह। बतहु मिसर तमाकुल चुनबैत-चुनबैत थपरी मारलाह आ ओहिठामसँ घसकि गेलाह।

गाम-घरमे पंचैती एहिना होइत अछि। जकर लाठी तकर महिष।

मुखियाक चुनाव




 


मुखियाक चुनाव


साँझ कऽ गाममे समाचार-पत्र आर्यावर्त अबैत छलैक। गाम भरिक लोक चौकपर एकट्ठा भए जाइत छलैक। चाहक दू-तीन दोकानपर लोक भन्न-भन्न करैत रहैत छल भादो जकाँ। अखबार अबैक कि गामक पढ़ुआ सभ ओहिपर टुटि पड़य। ओहि दिन अखबारक ऊपरेमे सरकारक एकटा सूचना बहरायल रहैक जे राज्य भरिमे मुखियाक चुनाव एक मासक भीतर सम्पन्न भऽ जाएत। औ बाबू! ई समाचार कि आयल जे सौंसे गाममे जेना करेन्ट लागि गेल। ओहि गाममे एकसँ एक सरगना लोक छलाह। धने-जने परिपूर्ण। मोहन बाबू, पलटन बाबू, हीरा बाबू, झगड़ू बाबू आदि-आदि। कैटा गुट, कैटा नेता। मुखिया के बनय, सरपंच के बनय। विभिन्न गुटमे यैह घोल-फचक्का शुरू भए गेल। सौंसे गाम खण्डमे बँटल छल।

पुबाइ टोलक सरगना मोहन बाबू छलाह। पलटन बाबू ओ हीरा बाबू दक्षिणवाइ टोलक प्रभावी लोक छलाह आ झगड़ू पछबाइ टोलक मानल लठैतमेसँ एक छलाह। उत्तरवाइ टोलक क्यो नेता नहि छल, कारण ओतय बेसी जन-बोनिहार रहैत छल आ अपनेमे ताड़ी पीब कऽ कटा-कटी करैत रहैत छल। ओकरा सभहक भगबान रोटिये छलैक। मालिक सभहक ओहिठाम जाय, जखन जे काज भेटैक से करय आ बोनि लऽ कऽ चल आबय। एमहर जहियासँ एलेक्सन सभ होमय लगलैक अछि ओहो सभ किछु सुगबुगायल जरूर अछि, मुदा कोनो खास नहि। कहियोकाल बाहरसँ नेता सभ अबैत छैक तँ ओहू टोलमे चहल-पहल रहैत छैक। मुदा चारू टोलमे झगड़ू बाबूकेँ बेश चलाचलती छैक। लाठीक बल छैक। पाँचटा बेटा छन्हि। सभकेँ पहलमानीमे एक्सपर्ट करौल गेल। बेस लठैत सभ छल पाँचू बेटा। ओकरा सभहक डरे इलाका शान्त भए जाइत छल। तँए केहनो पढ़ल-लिखल लोककेँ झगड़ू बाबकेँ नमस्कार करय पड़ैत छलैक।

एलेक्सनक समाचार पबिते झगड़ू बाबू बमकय लगलाह। प्रात भेने हुनका टोलक सभ लठैत अपनामे बैसार केलक। मुखिया आ सरपंचक नामक फैसला तँ नहि भए सकलैक मुदा एतबा तय भए गेल जे वर्तमान मुखिया आ सरपंचकेँ कोनो कीमतपर अबश्य हराबक अछि।

झगड़ू बाबू भोरे सात बजे नहा-सोना कऽ चौकपर पहुँचलाह आ बमकय लगलाह-

सभ चोर है, मुखिय चोर है। सरपंच चोर है, सभ को ठीक करेगा। आदि आदि...।

चारूकात भन्न-भन्न करैत लोक सभ जमा होमय लागल।

की बात छैक झगड़ू बाबू?” -कियो ओहीमे सँ पुछलखिन्ह।

की बात छै से तोरा सभकेँ कोना बुझेतह? एहन बैमान सरपंच आ मुखिया आइ धरि एहि इलाकामे नहि भेल। कहियो गामबलाकेँ कोटाक चीनी ठीकसँ भेटलैक? एहिबेरक एलेक्सनमे एहि बैमान सभकेँ हरेबाक अछि..!”

लोक अबैक, लोक जाइक मुदा झगड़ू बाबू भाषण ओहिना अनबरत चलिते रहनि। रेलगाड़ीक पहिया जकाँ घुरा-फिरा कऽ ओतहि पहुँचि जाइत छला जे इस बैमान सभको हराना है।

झगड़ू बाबूक भाषण चलि रहल छलनि कि ताबतेमे सरपंच साहेब घुमैत-फिरैत आबि गेलाह। चारूकातक लोक हुनका दिस तकैत छल। मुदा झगड़ूक भाषण यथावते चलि रहल छल।

सरपंच साहेब एक-दू बेर झगड़ूकेँ बुझाबक कोशिश केलथि। ताबतेमे सरपंचक भातिज मुनमा पहुँच गेल। हाथमे बेस मोटगर एकटा लाठी छलैक। ओ ने आब देखलक ने ताव आ धराम-धराम दू लाठी मारलक झगड़ूकेँ।

झगड़ू बाबू असगर पड़ि गेलाह। गरियबैत गाम दिस दौड़लाह आ पाँचो बेटाकेँ हॉंकि देलखिन। सौंसे चौकपर गरमा-गरमी भए गेल छलैक। झगड़ू बाबू मारि बिसरि फेरसँ गरजय लगलाह-

कहाँ भागा। आए सामने तो जानें।

झगड़ू बाबूक पाँचो बेटा सेहो फराके गरजैत एवम् प्रकारेण चुनाव अभियान शुरू भेल।

नामिनेशन फाइल करबाक समय करीब आबि रहल छल। घरे-घर गुटपैंची शुरू भए गेल। वर्तमान मुखिया आ सरपंच बेस पाइबला लोक छलाह। कोनो कीमतपर इलेक्सन जीतबाक हेतु कृतसंकल्प छलाह। मुदा नवतुरिआ सभ हुनकर विरोधी छल। गामक आरो लोक सभ सेहो हुनका सभसँ सन्तुष्ट नहि छल। अन्ततोगत्वा नोमिनेशन फाइल करबाक अन्तिम दिन धरि मुखिया आ सरपंचक हेतु छह-छहटा उम्मीदवार नामिनेशन फाइल केलनि । ओहिमेसँ मुखियाक हेतु तीन आ सरपंचक हेतु दू गोटाक नामिनेशन सही पाओल गेल। नवतुरिआक उम्मीदवार पलटू बाबू आ मोहन बाबू भेलाह। वर्तमान मुखिया ओ सरपंच सेहो एकबेर फेर मैदानमे अड़ल छलाह। ओकर अलाबा उत्तरवाइ टोलसँ बैकवार्ड किलासक उम्मीदवार बलचनमा सेहो अखाड़ामे उतरल छल।

मुखियाक चुनाव गाममे तूफान अनलक से कोनो नब बात नहि छल। सभ बेर एहिना होइत छलैक। जहिया कहियो चुनाव होइक तऽ लोक सभ एहिना घोल-फचक्का करय लागय। मुदा एहि बेरक चुनावमे विशेषता ई छलैक जे उत्तरवाइ टोलक बैकवार्ड किलासक लोक सभ सेहो फॉंर बन्हने छलैक। बाहर-बाहरसँ नेता सभ अबैत दलैक। रोज ककरोने ककरो ओहिठाम बैसार अबश्य होइतै। भोँटक हिसाबे आधासँ अधिक भोँट बैकवार्डक छलैक आ जँ वो सभ एक भऽ जाय तँ बलचनमाकेँ मुखिया बनबासँ कियो नहि रोकि सकैत छल। एहि बातक प्रतिक्रिया आन तीनू टोलमे सेहो भेलैक। मुदा कोनो हालतमे वर्तमान मुखिया चुनाव दंगलसँ हटए नहि चाहैत छलाह आ नवतुरिआ सभ हुनका अपन नेता मानबाक लेल तैयार नहि छल। एवम् प्रकारेण फोरवार्डक भोँट दूठाम बँटब स्वाभाविक भए गेल छलैक। मुदा बलचनमाक प्रचार जोर पकड़ने छलैक।

झगड़ू बाबूक हेतु हेतु स्वर्णिम अवसर छल। खने बलचनमाक संगे घुमितथि तऽ खने पलटन बाबूक ओहिठाम आ खने वर्तमान मुखियाक ओतए । नामिनेशन फाइल केलाक बाद चुनाव दिन धरि झगड़ू बाबूक हेतु अगहन रहैत छलन्हि। हुनका ईहो कोनो ठेकान नहि छलनि जे कखन कोन पार्टीक संग भए जेताह।

बभनटोली सभहक भोँट दू ठाम बटबासँ रोकबाक हेतु साँझमे पुवाइटोलमे बैसार भेल। क्यो किछु बजितथि ताहिसँ पहिने झगड़ू बाबू बमकय लगलाह। वर्तमान मुखियाकेँ एक हजार फज्झति कयल।

अन्ततोगत्वा ई निर्णय लेल गेल जे नवतुरिआक उम्मीदवार पलटन बाबूक समर्थन करताह। सरपंचक पदक हेतु मात्र दूटा उम्मीदवार छलाह- मोहन बाबू आ वर्तमान सरपंच नवत राय। नवत राय कमे पढ़ल-लिखल मुदा बेस फनैत लोक छलाह। कतहु किछु होइतैक कि भदवरिया बेंग जकाँ टर्र-टर्र बाजय लगितथि। घर-घर झगड़ा लगेबामे ओस्ताद छलाह। जँ किछु खर्च-बर्च कए दियैक तँ पंचयतीमे फैसला अहाँक पक्षमे सुनिश्चित कयल जा सकैत छल। जँ नीक-निकुत भेटि जान्हि तँ कोनो जातिक घरमे खा सकैत छलाह अन्यथा बेस नेम-टेमसँ रहैत छलाह।

एहि सभ कारणसँ गामक लोक ओकरासँ एकदम ना-खुश छलैक। मुदा क्यो ओकरा नाराज नहि करए चाहैत छलैक कारण ओ बेस फचाँरि छल आ ककरहुँ कतहु बईज्जत कऽ सकैत छल।

झगड़ू बाबू गरजैत-गरजैत नवतुरिओपर बरषय लगलाह। नवतुरिआ सभ सरपंचक हेतु मोहन बाबूकेँ समर्थन देबाक आश्वासन देलखिन। प्रात भेने नवतुरिआ सभ इन्नकिलाब, जिन्दाबादक नारा दैत गाम भरिमे पलटन-मोहन जिन्दाबादक स्वर गुंजित कय देलक। 

एमहर वैकवार्ड किलासक लोक सभ एकदम एक भऽ गेल छल। लाठी लऽ कऽ सभ करे कमान छल। एवम् प्रकारेण सपष्ट लगइत छल जे मुखिया पदक हेतु बलचनमा आ सरपंचक हेतु मोहन बाबू चुनाव जीतताह। वर्तमान मुखिया ओ सरपंचजी बेचैन छलाह। रातिक बारह बजे झगड़ू बाबूक घर पहुँचलाह। दुनू गोटे झगड़ू बाबूक पैर पकड़लखिन।

झगड़ू बाबू, अपने हमरा सपोट करू।

कियेक नहि। हमर सपोट तँ सभदिन अहींक संगे रहल अछि।

से तँ ठीके मुदा एहि बेर हालत बेसी गड़बड़ छैक।

फेर कहि नहि, दुनू गोटे की फुस-फुसेलाह। २००० रूपया पर सौदा भए गेल। प्राते भेने झगड़ू बाबू चौकपर फेर गरजय लगलाह-

मुखियाजीक जे विरोध करत से हमर दुश्मन। एहन मुखिया सरपंच तँ ने कहियो भेल छल आ ने होयत।

आदि आदि। सुननाहर सभ गुम्म।

काल्हि एलेक्शन होयत। राति भरि गाममे धोल-फचक्का होइत रहल। दरबजे-दरबजे काना-फुसी बेस जोर पकड़ने छल। पुस्तकालयपर एलेक्शन पार्टी आबि गेल छल। चारिटा पुलिस लाठीलेने सेहो गश्त लगाबऽ लागल। पहिलुका चुनावमे उत्तरवाइ टोलपर चुनावक बूथ नहि होइत छलैक। मुदा एहि बेर वैकवार्ड किलासक लोक सभ बी.डी.ओ. साहेबक ओहिठाम धरनाधय देलक। एहि बेर उत्तरवाइ टोलमे सेहो बूथ बनल छलैक। झगड़ू बाबू आ हुनक बेटा सभ बेस मजगुतगर लाठी फनैत एलेक्शन बूथ सभपर चक्कर लगा रहल छलाह। पुवाइटोलक बूथपर नवतुरिआ सभ कैप्चर कऽ लेने छल। कसिकऽ वोगस पोलिंग भए रहल छलैक। ई खबरि झगड़ू बाबूकेँ जहाँ भेटल कि वो अपन लठैत बेटा सभकेँ संग कय ओतय पहुँचला आ पलटन एवम् मोहन बाबूकेँ धराम-धराम दू-दू लाठी लगाओल। पीठासीन पदाधिकारी अकबका गेलाह। चारू दिस हरविर्रो मचि गेल।

ओहि बीचमे झगड़ूक दूटा बेटा आगा बढ़ल आ सभटा बैलेट छीनि जबरदस्ती मोहर मारि खसा कऽ खसकि गेल। मुदा एकर जबरदस्त प्रतिक्रिया उत्तरवाइटोलक बूथपर भेल। एक-एकटा बैलेटपर बलचनमा अपने मोहर मारि कऽ खसौलक। कोनो दोसर उम्मीदवारक पोलिंग एजेन्ट ओहिठाम नहि टिकि सकल। बलचनमाक जीतब निश्चित प्राय छलैक ओही बूथक, कारण आधासँ अधिक भोँट ओही टोलक छलैक। सरपंचक सभटा भोँट नवत रायकेँ भेटलैक। आन बूथ सभपर सामान्य रूपसँ पोलिंग भेल आ कने-मने भोँट सभकेँभेटलै।

साँझमे काउन्टिंग प्रारम्भ भेल। बारह बजे रातिमे जा कऽ एलेक्सनक रिजल्ट बहार भेलै। बलचनमा ओ नवत राय चुनाव जीति गेलाह। बैकवार्ड किलासक लोक विजयक खुशीमे मत्त छल। नारा बुलन्द होमय लागल-

जीत गया जी जीत गया, बलचन महतो जीत गया। आदि-आदि।

पुबारि टोलसँ लऽ कऽ पछबारि टोलक सभ लोक सन्न छल।      

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